1. सोनी
सोनीजी सोनगरा से सोनी कहलाए। माता सेवल्या मन्दिर बागोर भीलवाड़ा तथा ओसीया, धुमांस, गुरू-संखवाल ओझा (चौहान कुल)
2. सोमाणी
श्यामोजी सोलंखी से सोमाणी कहलाये। बंधर माता का मंदिर ताना गांव (चितोड से आकोला रोड़ की पहाड़ी पर), गौत्र लीयाइंस, गुरू दायमा आसोफा व कुदाल व्यास
3. जाखेटिया
जालमजी, जादव, माता सिसणाय मन्दिर मांडल (भीलवाड़ा) गौत्र सीलांस, सती सौढल, गुरू पारीक खटोड व्यास
4. सोढाणी
सोढोजी सोहड (राठौड़) माता-झीण मंदिर सीकर से 10 किमी. दक्षिण अरावली गिरीमाला बेरवाट में (गेरिया स्टेशन के पास) गौत्र सौढांस, गौरोभैरव सती झीर, गुरू खंडेलवाल मुछाल के तिवाडी।
5. हुरकट
हीरोजी देवड़ा चौहान माता विश्वंत, गौत्र-कश्यप, गुरू पोकरणा बट्टू।
6. न्याती
नानणजी, निर्वाण चौहान माता चांदसेण मंदिर, वाचदेचगु गांव मालपुरा (टोंक) गौत्र-नानसेण, सती नवास्व, गुरू पल्लीवाल धामट फौफल्या के व अन्य सबके पारीक उपाध्याय
7. हेडा
हीरोजी, देवडा माता फलौधी, गौत्र धनांस बवांस, गुरू सिखवाल-ओझा व पल्लीवाल धामट भी कहीं-कहीं है।
8. करवा
करवाजी, कंवराजी, कछावा, माता कछवाय अमरकोट सिन्ध में संचाय, गौत्र करवांस वेद, सामवेद, गुरू पल्लीवाल धामट, काग्या की माता फलौदी
9. कांकाणी
कूकाजी, जौया माता गौत्र-गौत्मस्य व कपिलांस लाबरियौपित्र, गूगरियो भैरव, सती लाछन, गुरू-गूजर गौड, सांभरिया चौब्या। सांग की माता तालासल है।